
नारायणपुर में माओवादियों के गढ़ दिवालूर में स्थापित हुआ नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप
नारायणपुर। माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के शीर्ष लीडर और मेंबर्स के लिए सेफजोन माने जाने वाले दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र दिवालूर में नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2026 का सातवां नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। यह वही क्षेत्र है, जहां डीआरजी और केंद्रीय बलों ने कुख्यात माओवादी बसवा राजू को ढेर किया था।
“शांतिपूर्ण और समृद्ध नारायणपुर” की दिशा में बड़ा कदम
नवीन कैम्प के उद्घाटन से अबूझमाड़ के इस बीहड़ क्षेत्र को मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। थाना ओरछा अंतर्गत ग्राम दिवालूर में स्थापित यह कैंप नक्सल विरोधी अभियानों के साथ-साथ सड़कों, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
सुरक्षा और जनकल्याण के लिए मल्टी-एजेंसी प्रयास
कैंप स्थापना में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फॉईटर और आईटीबीपी की 38वीं, 41वीं, 44वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी शामिल रही। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में क्षेत्र में लगातार “माड़ बचाओ” अभियान संचालित किया जा रहा है। नए कैम्प के माध्यम से कांदुलनार-ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा और विकास सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्रामीणों को मिलेगा मुख्य धारा का संपर्क
नवीन कैम्प के स्थापना से रेकापारा, कुमनार, गुण्डेकोट, लेकवाडा, नेडअट्टे और दिवालूर सहित आसपास के क्षेत्र में सड़क सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं का तेजी से विस्तार होगा। कुमनार से सोनपुर मार्ग भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सड़क कनेक्टिविटी होने से आम नागरिकों के लिए आवागमन सुलभ होगा।
नारायणपुर पुलिस की निरंतर कार्रवाई
वर्ष 2025 में नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित कई गांवों में सुरक्षा और जन सुविधा कैंप स्थापित किए थे। वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर और दिवालूर में नवीन कैम्प स्थापित किए गए हैं।
नेतृत्व और मार्गदर्शन
इस अभियान में श्री पी. सुन्दरराज (पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर), श्री रोबिनसन गुरिया (पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर), आईटीबीपी और डीआरजी के वरिष्ठ अधिकारी तथा उप पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक आदि की अहम भूमिका रही। इन कैम्पों के माध्यम से अबूझमाड़ में सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों तक विकास की हर सुविधा पहुंचाने में तेजी आएगी।
